Republic Day Poem in Hindi : 26 जनवरी/गणतंत्र दिवस पर कविता

हमारे भारत देश का संविधान 26 जनवरी सन 1950 के दिन लागू हुआ था। तब से ही प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

यह 26 जनवरी का ही वह दिन था जब भारत में “भारत सरकार अधिनियम” के स्थान पर भारत के संविधान को लागू किया गया था।

अगर देखा जाए तो भारत देश को पूर्ण रूप से स्वतंत्रता 26 के दिन ही प्राप्त हुई थी, जब भारत देश का अपना संविधान लागू हुआ था।

गणतंत्र दिवस के मौके पर विद्यालयों और महाविद्यालयों में अनेक प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

जहाँ पर भारत देश को आजादी दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

इस कार्यक्रम में विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी खूब बढ़-चढ़कर भाग लेते है।

इस दिन कई विधार्थी गणतंत्र दिवस पर कविता भी तैयार करके लाते है और पूरे विद्यालय के सामने कार्यक्रम में उस कविता को सुनाते है।

अगर आप भी 26 जनवरी पर कविता तैयार करना चाहते है, लेकिन आपको पता नहीं है कि आप वह कविता कैसे तैयार करेंगे? तो चिंता करने वाली कोई बात नहीं है।

क्योंकि इस लेख में हम आपके पहले से तैयार गणतंत्र दिवस पर कविता लेकर आये है। तो, 26 जनवरी पर कविता प्राप्त करने के लिए इस लेख को शुरू से अंत तक अवश्य पढ़े।

तो चलिए शुरू करते है:- Poem on Republic Day in Hindi

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Republic Day Poem in Hindi [2021] : गणतंत्र दिवस पर कविता

आज तिरंगा फहराते है
अपनी पूरी शान से
हमें मिली आजादी
वीर शहीदों के बलिदान से!!

आजादी के लिए हमारी
लंबी चली लड़ाई थी
लाखों लोगों ने प्राणों से
कीमत बड़ी चुकाई थी!!

व्यापारी बनकर आए और
छल से हम पर राज किया
हमको आपस में लड़वाने की
नीति पर उन्होंने काम किया!!

हमने अपना गौरव पाया
अपने स्वाभिमान से
हमें मिली आज़ादी
वीर शहीदों के बलिदान से!!

गांधी, तिलक, सुभाष,
जवाहर का प्यारा यह देश है
जियो और जीने दो का
सबको देता संदेश है!!

लगी गूंजने दसों दिशाएं
वीरों के यशगान से
हमें मिली आजादी वीर
शहीदों के बलिदान से!!

हमें हमारी मातृभूमि से
इतना मिला दुलार है
उसके आंचल की छाया से
छोटा यह संसार है!!

विश्व शांति की चली हवाएं
अपने हिंदुस्तान से
हमें मिली आज़ादी
वीर शहीदों के बलिदान से!!

26 January Poem in Hindi For School Students [2021]

बंद करो ये तुम आपस में
खेलना अब खून की होली
उस माँ को याद करो जिसने
खून से चुन्नर भिगोली!!

कुछ कर गुजरने की अगर
तमन्ना उठती हो दिल में
भारत माँ का नाम सजाओ
दुनिया की महफिल में!!

किसकी राह देख रहा
तुम खुद सिपाही बन जाना
सरहद पर ना सही
सीखो अँधियारों से लड़ पाना!!

Republic Day Poem in Hindi for Students [2021]

हास्य की भाषा नहीं लिखी है
ना ही गजल सुनाता हूं
कविता लिखनी नहीं आती बस
चीखें लिखता जाता हूं!!

देश मेरा जल रहा है
आग लगी है सीने में
हुकुम वाले सभी व्यस्त है
खून गरीब का पीने में!!

तो राम मंदिर बाबरी का
पक्ष नहीं मैं लाया हूं
घायल भारत चीख रहा है
चीख सुनाने आया हूं!!

Republic Day Poem for Kids in Hindi [2021]

यह मेरा आजाद तिरंगा
लहर लहर लहराए रे
भारत माँ मुस्काए तिरंगा
लहर लहर लहराए रे!!

इस झंडे का बापू जी ने
कैसा मान बढ़ाया है
लाल किले पर नेहरू जी
ने यह झंडा फहराया!!

माह जनवरी छब्बीस को हम
सब गणतंत्र मनाते
और तिरंगे को फहरा कर,
गीत ख़ुशी के गाते!!

Long Speech on Republic Day in Hindi [500 Words]
Poem on Republic Day in Hindi

संविधान आजादी वाला,
बच्चो ! इस दिन आया
इसने दुनिया में भारत को,
नव गणतंत्र बनाया!

क्या करना है और नही क्या ?
संविधान बतलाता
भारत में रहने वालों का,
इससे गहरा नाता!!

यह अधिकार हमें देता है,
उन्नति करने वाला
ऊँच-नीच का भेद न करता,
पण्डित हो या लाला!!

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
सब हैं भाई-भाई
सबसे पहले संविधान ने,
बात यही बतलाई!!

इसके बाद बतायी बातें,
जन-जन के हित वाली
पढ़ने में ये सब लगती हैं,
बातें बड़ी निराली!!

लेकर शिक्षा कहीं, कभी भी,
ऊँचे पद पा सकते
और बढ़ा व्यापार नियम से,
दुनिया में छा सकते!!

देश हमारा, रहें कहीं हम,
काम सभी कर सकते
पंचायत से एम.पी. तक का,
हम चुनाव लड़ सकते!!

लेकर सत्ता संविधान से,
शक्तिमान हो सकते
और देश की इस धरती पर,
जो चाहे कर सकते!!

लेकिन संविधान को पढ़कर,
मानवता को जाने
अधिकारों के साथ जुड़ें,
कर्तव्यों को पहचानो!!

जब सूरज संग हो जाए अंधियारों के साथ
तब दीये का टिमटिमाना जरूरी है।
जब प्यार की बोली लगने लगे बाजार में
तब प्रेमी का प्रेम को बचाना जरूरी है।

जब देश को खतरा हो गद्दारों से
तो गद्दारों को धरती से मिटाना जरूरी है।
जब गुमराह हो रहा हो युवा देश का
तो उसे सही राह दिखाना जरूरी है।

जब हर ओर फैल गई हो निराशा देश में
तो क्रांति का बिगुल बजाना जरूरी है।
जब नारी खुद को असहाय पाए
तो उसे लक्ष्मीबाई बनाना जरूरी है।

जब नेताओं के हाथ में सुरक्षित न रहे देश
तो फिर सुभाष का आना जरूरी है।
जब सीधे तरीकों से देश न बदले
तब विद्रोह जरूरी है।

Very Short Republic Day Poem in Hindi [2021]

आज नई सज-धज से
गणतंत्र दिवस फिर आया है।
नव परिधान बसंती रंग का
माता ने पहनाया है।

अमर वो उनकी बलिदानी याद रहे,
सालो से सालो तक न हो बात पुरानी,
आजाद हिन्द का तिरंगा रहे हमेशा ऊंचा।

खुशनसीब है हम जो यहाँ जन्म हम लीये,
यहाँ की मीट्टी की खुशबु,
यहाँ की हवायों का अपनापन,
हर दिल में राष्टगान का सम्मान रहे।

अगर झुकने लगे जो तिरंगा,
तो हम बलिदान कर दे खुद को,
सर कटा दे पर सर झुका सकते नही।

हिन्दुस्तान है सोने की चिड़ियाँ,
ईसाई ,सिख, हिन्दु हो या मुस्लीम हम जो भी हो,
हम जहां भी रहे,
सिर्फ हिन्दुस्तानी रहे,
अमर वो उनकी बलिदानी याद रहे।

72th Republic Day Poem in Hindi [2021]

हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है,
आके मकतल में यह कातिल कह रहा है बार बार,
क्या तमनाये शहादत भी किसी के दिल में है,

एक से करता नहीं क्यों दूसरा कुछ बातचीत
देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफिल में है,
एक शहीदे मुल्क मिल्लत तेरे कदमों पर निसारा,

तेरी कुर्बानी का चर्चा गैर की महफिल में है,
अब न अगले वल्वले हैं और अरमानों की भीड़
एक मिट जाने की हसरत अब ‘दिल-ए- बिस्मिल’ में है।

Long Speech on Republic Day in Hindi For Teachers & Students [350 Words]
Long Poem on Republic Day in Hindi For Teachers & Students

आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये,
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।

अपना 67वाँ गणतंत्र दिवस खुशी से मनायेगे,
देश पर कुर्बान हुये शहीदों पर श्रद्धा सुमन चढ़ायेंगे।

26 जनवरी 1950 को अपना गणतंत्र लागू हुआ था,
भारत के पहले राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने झंड़ा फहराया था।

मुख्य अतिथि के रुप में सुकारनो को बुलाया था,
थे जो इंडोनेशियन राष्ट्रपति, भारत के भी थे हितैषी,
था वो ऐतिहासिक पल हमारा, जिससे गौरवान्वित था भारत सारा।

विश्व के सबसे बड़े संविधान का खिताब हमने पाया है,
पूरे विश्व में लोकतंत्र का डंका हमने बजाया है।

इसमें बताये नियमों को अपने जीवन में अपनाये,
थाम एक दूसरे का हाथ आगे-आगे कदम बढ़ाये,
आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये,
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।

72th Republic Day Poem in Hindi for Teachers

विजय पर्व गणतंत्र दिवस है
नव भारत की नव पहचान,
कोटि कोटि जनता ने पाया
अपना निर्मित नया विधान।

हुए सभी हम भारतवासी
अपनी किस्मत के निर्माता,
अंग्रेजी काले नियमों से
मुक्त हो गई भारतमाता।

बिना भेद के पाई सबने
एक अनोखी अवसर-समता,
जनता ने पहचानी फिर से
विश्व – पटल पर अपनी क्षमता।

लहर लहर कर नीलगगन में
लगा फहरने भारत का ध्वज,
एक राष्ट्र में बँधकर महकी
संप्रभुता से गर्वोन्नत रज।

जनता को सर्वोच्च समझकर
लोकतंत्र हमने अपनाया,
धर्मों से निरपेक्ष रहे हम
राष्ट्रगान को मिलकर गाया।

वीर शहीदों की कुर्बानी
व्यर्थ नहीं जाने पाएगी,
देशप्रेम की भीनी खुशबू
जन गण मन को महकाएगी।

हो सद्भाव सभी के मन में
कहीं न हो आतंकी दंगा,
अमर रहे गणतंत्र हमारा
रहे फहरता सदा तिरंगा।

देखो 26 जनवरी है आयी, गणतंत्र की सौगात है लायी।
अधिकार दिये हैं इसने अनमोल, जीवन में बढ़ सके बिन अवरोध।

हर साल 26 जनवरी को होता है वार्षिक आयोजन,
लाला किले पर होता है जब प्रधानमंत्री का भाषन।

नयी उम्मीद और नये पैगाम से, करते है देश का अभिभादन,
अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट पर अर्पित करते श्रद्धा सुमन,
2 मिनट के मौन धारण से होता शहीदों को शत-शत नमन।

72th Republic Day Poem in Hindi for Students

नील गगन में बड़ी शान से, आज तिरंगा फहराया
भारत का गणतंत्र अनूठा, सारे जग को बतलाया!

पराधीन भारत माता ने, जाग के ली अंगडाई थी
वीरों की टोली की टोली , शीश चढाने आयी थी
आज़ादी की जंग चली जब, देख फिरंगी घबराया
भारत का गणतंत्र अनूठा, सारे जग को बतलाया !

हाथ तिरंगा तान के सीना, बढ़ते थे जब बलिदानी
भारत माँ की आज़ादी को, जान की भी दी कुर्वानी
आज़ादी के मतवालों ने, इसे देश में लहराया
भारत का गणतंत्र अनूठा, सारे जग को बतलाया!

शत शत नमन है उन वीरों को, आज़ादी थी दिलवाई
फांसी के फंदे पर झूले, सीने पर गोली खाई
कितने अत्याचार सहे थे, जेलों में जब ठूसवाया
भारत का गणतंत्र अनूठा, सारे जग को बतलाया!

जाति धर्म का भेद न, सबको समता का अधिकार है
मौके सबको मिले बराबर, कोई नहीं लाचार है
अनुपम सविधान है अपना, जिसको हमने अपनाया
भारत का गणतंत्र अनूठा, सारे जग को बतलाया !

वोट डालकर सभी बनाते, भारत की सरकार यहाँ
जनता है सर्वोच्च यहाँ पर, नेता चौकीदार यहाँ
जब जनता ने चाहा, सत्ता में बदलाव सहज आया
भारत का गंणतंत्र अनूठा, सारे जग को बतलाया!

Speech on Republic Day in Hindi for Students & Childrens [250 Words]
Poem on Republic Day in Hindi for Students & Childrens [250 Words]

26 जनवरी को आता हमारा गणतंत्र दिवस,
जिसे मिलकर मनाते हैं हम सब हर वर्ष।

इस विशेष दिन भारत बना था प्रजातंत्र,
इसके पहले तक लोग ना थे पूर्ण रूप से स्वतंत्र।

इसके लिए किये लोगो ने अनगिनत संघर्ष,
गणतंत्र प्राप्ति से लोगों को मिला नया उत्कर्ष।

गणतंत्र द्वारा मिला लोगों को मतदान का अधिकार,
जिससे बनी देशभर में जनता की सरकार।

इसलिए दोस्तों तुम गणतंत्र का महत्व समझो,
चंद पैसो की खातिर अपना मतदान ना बेचो।

क्योंकि यदि ना रहेगा हमारा यह गणतंत्र,
तो हमारा भारत देश फिर से हो जायेगा परतंत्र।

तो आओ हम सब मिलकर ले प्रतिज्ञा,
मानेंगे संविधान की हर बात ना करेंगे इसकी अवज्ञा।

72th Republic Day Poem in Hindi

ऐ मालिक, सिर्फ इतना-सा मुझपर तू करम दे,
मुझे सनम से प्यारा मेरा वतन कर दे!

कर दूँ निछावर तन-मन-धन सब अपना,
इतनी प्रज्वलित मुझमें राष्ट्रप्रेम की अगन कर दे!

सकुचित न होऊँ क्षणभर भी सरफ़रोश बनने को,
ऐसी मनोवृति का मेरे ज़हन में जनम कर दे!

अस्तित्व मिट जाए दहशतवादी नर-पिशाचों का इस धरा से,
और परे हो जाए मुल्क से गद्दारी की सोच भी ऐसे उसे तू दफन कर दे!

मेरी माँ के आँचल के तले चैन से सो सकूँ मैं,
ऐसे विदा होने पर अता मुझे मेरे तिरंगे का कफन कर दे!
ऐ मालिक, सिर्फ इतना-सा मुझपर तू करम दे! !

देखो फिर से गणतंत्र दिवस आ गया,
जो आते ही हमारे दिलों-दिमाग पर छा गया।
यह है हमारे देश का राष्ट्रीय त्यौहार,
इसलिए तो सब करते हैं इससे प्यार।

इस अवसर का हमें रहता विशेष इंतजार,
क्योंकि इस दिन मिला हमें गणतंत्र का उपहार।
आओ लोगो तक गणतंत्र दिवस का संदेश पहुचाएं,
लोगो को गणतंत्र का महत्व समझाये।

गणतंत्र द्वारा भारत में हुआ नया सवेरा,
इसके पहले तक था देश में तानाशाही का अंधेरा।
क्योंकि बिना गणतंत्र देश में आ जाती है तानाशाही,
नही मिलता कोई अधिकार वादे होते हैं हवा-हवाई।

तो आओ अब इसका और ना करें इंतजार,
साथ मिलकर मनाये गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय त्योहार।

Heart Touching Poem on Republic Day in Hindi [2021]

लो आज छब्बीस जनवरी का दिन आया,
सबके दिलों में तिरंगा लहराया।
किसी की प्रोफाइल, तो किसी के फेसबुक में
फिर से है तिरंगा छाया।
लो आज छब्बीस जनवरी का दिन आया।।

आज एक साल बाद फिर से सबको देश का है ख्याल आया।
छोटे छोटे मुद्दों पर सियासी रोटी सेकने वालों को,
आज सियाचिन का शेर नज़र आया,
लो आज छब्बीस जनवरी का दिन आया।।

साल भर बेआबरू करते रहे जिस माँ को,
उस भारत माँ का जयकार पूकारने वाला नज़र आया,
कभी गौ हत्या, कभी जल्लीकट्टू,
तो कभी पद्मावती के नाम पर अपने ही लोगों को मारने वाला हर वो शख्स,
आज तिरंगे को सलाम करता नज़र आया।
लो आज छब्बीस जनवरी का दिन आया।।

छोड़ हिंसा को, अहिंसा अपनाकर हमें दिखाना है
बापू के आदर्शों पे भी चल के हमे बताना है
नई सदी के लोग हैं हम कुछ कर के हमें दिखाना है
आओ मिल कर के हम सब को प्यारा हिन्दुस्तान बनाना हैl

शिक्षित अगर पूरा समाज हो जाए तो ये देश फिर और आगे बढ़ जाएगा
देश का हर बच्चा तब गाँधी, सुभाष बन पाएगा
शिक्षा की इस जोत को घर-घर में हमें जलाना है
आओ मिल कर के हम सब को प्यारा हिन्दुस्तान बनाना हैl

डूब रही है सभ्यता संस्कृति चारों ओर अंधकार है
मिट रही है दुनियाँ सारी चारों ओर कोहराम है
डूबती हुइ सभ्यता संस्कृति जो, उसको हमें बचाना है
आओ मिल कर के हम सब को प्यारा हिन्दुस्तान बनाना है

कहने से बड़ी-बड़ी बातें कुछ नहीं मिल जाएगा
जो है, जैसा है सब वैसा हीं रह जाएगा
सो चुके इस समाज को फिर से हमें जगाना है
आओ मिल कर के हम सब को प्यारा हिन्दुस्तान बनाना हैl

Hindi Poem on Republic Day [2021]

चलो आज जवानो को दें सलाम,
चाहे वो हिन्दू हो या चाहे मुसलमान,
देश के लिए देशवासियों करो श्रमदान,
फिर बने सोने की चिड़िया हम सबका हो यही अरमान!

आज सब छोड़ दो अपना सारा काम,
याद करो उनको जिन्होंने भारत को किया आजाद,
उन वीरों के याद में गुजारो आज की शाम,
चाहे वो भक्त रहीम का हो या चाहे राम!

आओ आज शपथ लें एकता के साथ,
मिल जुलकर हम लोग करेंगें अपना काम,
कोई भी बाकी ना रह जाये इस शाम,
चाहे वो गरीब हो चाहे धनवान!

जिस धरती पर जन्में राम और कृष्ण जैसे भगवान,
वो कोई और नहीं अपना देश है महान,
देश के लिए कितने वीरो ने दिये बलिदान,
वो है महान देश अपना हिन्दुस्तान!

Short Speech on Republic Day in Hindi
Short Poem on Republic Day in Hindi

मत घबराओ, वीर जवानों
वह दिन भी आ जाएगा
जब भारत का बच्चा-बच्चा देशभक्त बन जाएगा।

कोई वीर अभिमन्यु बनकर, चक्रव्यू को तोड़ेगा
कोई वीर भगत सिंह बनकर अंग्रेजो के सिर फोड़ेगा।

धीर-धरो तुम वीर जवानों, मत घबराओ वीर जवानों
वह दिन भी आ जायेगा जब भारत का बच्चा-बच्चा देशभक्त बन जाएगा।

कलकल करती गंगा यमुना, जिसके गुण ये गाती हैं
भारत की इस पुण्य धरा में, अपना गुंजार सुनती हैं।

आज तिरंगे के रंगों को फीका नहीं होने देगे
इस तिरंगे की शान के लिए, अपना सर्वस्व लूटा देगे।

अब मत घबराओ वीर शहीदों, मत घबराओ वीर जवानों
वह दिन भी आ जायेगा, जब भारत का बच्चा-बच्चा देशभक्त बन जाएगा।

वीर अमर शहीदों की कुर्बानी को, कोई भुला ना पाएगा
जब आत्याचार बढ़ेगा धरती पर, एक महापुरुष आ जायेगा।

Happy Republic Day Poem in Hindi For Students [2021]

आया “राष्ट्र पर्व”
गणतंत्र हमारा है.!!

हिन्द देश के वासी हम
“जय हिन्द” जय घोष हमारा है..!!

हर तरफ देखो लग रहा
“जय हिन्द” का नारा है.!!

लिए तिरंगा हाथ में देश,
झूम रहा आज सारा है.!!

तीन रंगों में रंगा तिरंगा
सब रंगों से प्यारा है..!!

केसरीया देता संदेश अमन का
सुख समृद्धि देता रंग हारा है.!!

सफेद शांति लिए चक्र घूमता
संदेश इसका भाई चारा है..!!

आओ कि आया “राष्ट्र पर्व”
गणतंत्र हमारा है.!!

मातृभूमि पर आँच न आये
दृढ़ संकल्प हमारा है..!!

नमन “माँ भारती” तुझे,
दिया राष्ट्र पर्व प्यारा है.!!

26 January Poem in Hindi For Teachers [2021]

आओ करे प्रतिज्ञा हम सब
इस पावन गणतन्त्र दिवस पर
हम सब बापू के आदर्शों
को अपनायेगे
नया समाज बनायेंगे

भारत माँ के वीर सपूतों
के बलिदानों को हम
व्यर्थ न जानें देंगे
जाति, धर्म के भेदभाव से
ऊपर उठकर
नया समाज बनायेंगे

आजादी को मिले हुये
है अब अड़सठ साल
क्या सही मायनों में
हम आजादी के अर्थों
को समझ पायें है

क्या बापू के आदर्शों को
अपना पायें है
अंग्रजो की गुलामी से
निकल कर हम
क्या जाति, धर्म, गरीबी, भष्टाचार
जैसे मुद्दों से लड़ पाये है

आओ आज करे प्रतिज्ञा हमसब
जो गरीब के घर न जले चूल्हा
तो हम भी निवाला नहीं खायें
बीनता कचरा जो बचपन
हम देखें
रातों को हम भी न सो पायें

शहीद सैनिको के परिवारों को
देख बिलखता
हम भी खामोश न रह पाये
मिलकर साथ आओ हमसब
करे प्रतिज्ञा आज
इस पावन गणतन्त्र दिवस पर
हम बापू के आदर्शों को अपनाये
नया समाज बनाये

सौगातो की सौगात है, गणतंत्र हमारा महान है,
आकार में विशाल है, हर सवाल का जवाब है,
संविधान इसका संचालक है, हम सब का वो पालक है,
लोकतंत्र जिसकी पहचान है, हम सबकी ये शान है,
गणतंत्र हमारा महान है, गणतंत्र हमारा महान है।

वतन की सर-ज़मीं से इश्क़ ओ उल्फ़त हम भी रखते हैं
खटकती जो रहे दिल में वो हसरत हम भी रखते हैं
ज़रूरत हो तो मर मिटने की हिम्मत हम भी रखते हैं

ये जुरअत ये शुजाअत ये बसालत हम भी रखते हैं
ज़माने को हिला देने के दावे बाँधने वालो
ज़माने को हिला देने की ताक़त हम भी रखते हैं
बला से हो अगर सारा जहाँ उन की हिमायत पर

ख़ुदा-ए-हर-दो-आलम की हिमायत हम भी रखते हैं
बहार-ए-गुलशन-ए-उम्मीद भी सैराब हो जाए
करम की आरज़ू ऐ अब्र-ए-रहमत हम भी रखते हैं
गिला ना-मेहरबानी का तो सब से सुन लिया तुम ने

तुम्हारी मेहरबानी की शिकायत हम भी रखते हैं
भलाई ये कि आज़ादी से उल्फ़त तुम भी रखते हो
बुराई ये कि आज़ादी से उल्फ़त हम भी रखते हैं
हमारा नाम भी शायद गुनहगारों में शामिल हो
जनाब-ए-‘जोश’ से साहब सलामत हम भी रखते हैं

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FAQ’s About Republic Day Poem in Hindi

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